शनिवार (18 अक्टूबर) को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस इकाई में निर्मित पहले ब्रह्मोस मिसाइल बैच को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दिन न केवल उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि भारत की रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में नई ऊर्जा का संचार भी करेगा।
लखनऊ में पूरी तरह से चालू हुआ ब्रह्मोस एकीकरण एवं परीक्षण केंद्र
विश्व की सबसे तेज और सबसे घातक सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली का निर्माण करने वाली ब्रह्मोस एयरोस्पेस कंपनी ने लखनऊ में अपने नए इंटीग्रेशन और टेस्टिंग सेंटर से पहले मिसाइल बैच का निर्माण पूरा कर लिया है। यह अत्याधुनिक इकाई 11 मई को उद्घाटन के बाद अब पूरी तरह से कार्यरत हो गई है।
रक्षा मंत्री का संबोधन
इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “आज उत्तर प्रदेश की जनता के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। लखनऊ अब रक्षा क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रहा है। मैंने पांच महीने पहले इस ब्रह्मोस इकाई का उद्घाटन किया था, और आज इसका पहला बैच रवाना किया गया है। यह कोई साधारण उपलब्धि नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर ने यह सिद्ध कर दिया है कि अब विजय हमारी आदत बन चुकी है। दुनिया ने भारत की ताकत को स्वीकार कर लिया है। देश को अब यह विश्वास हो गया है कि हम बेहद मज़बूत हो चुके हैं। मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि अगर भारत पाकिस्तान को जन्म दे सकता है, तो… आगे आप खुद समझदार हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “ब्रह्मोस हमारी तीनों सेनाओं की रीढ़ है। यह इकाई देश की बढ़ती ताकत का प्रतीक है। देश में जहां भी ब्रह्मोस का नाम आता है, वहां लोगों में जबरदस्त विश्वास दिखता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इसकी सराहना करता है। यही विश्वास हमारी असली ताकत है।”
बूस्टर डॉकिंग प्रक्रिया का अवलोकन
इस कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने ब्रह्मोस मिसाइल की बूस्टर डॉकिंग प्रक्रिया को देखा। इसके साथ ही ब्रह्मोस सिम्युलेटर उपकरण की प्रस्तुति भी दी गई। दोनों नेताओं ने वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लिया। इस मौके पर ब्रह्मोस के महानिदेशक डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक चेक और जीएसटी इनवॉइस सौंपा, जिससे राज्य सरकार को राजस्व प्राप्त होगा। ब्रह्मोस मिसाइलों के यूपी में निर्माण से कुशल युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर की पहली पूर्ण मिसाइल निर्माण इकाई
लखनऊ स्थित ब्रह्मोस इकाई उत्तर प्रदेश रक्षा कॉरिडोर की पहली ऐसी इकाई है, जहां इंजीनियर और तकनीशियन मिसाइल प्रणाली का संपूर्ण निर्माण और अंतिम परीक्षण देश के भीतर ही करते हैं। यह परियोजना न केवल रणनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह राज्य में निवेश, रोजगार और तकनीकी नवाचार के नए अवसर भी सृजित करती है।
कल तेजस, आज ब्रह्मोस
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में नासिक में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा विकसित लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस Mk1A की पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी हुई। इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने HAL की तीसरी LCA Mk1A उत्पादन लाइन और हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर‑40 (HTT‑40) की दूसरी उत्पादन लाइन का भी उद्घाटन किया। HTT‑40 भारतीय वायुसेना के लिए विकसित एक स्वदेशी बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट है।




