नवरात्रि के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर गरबा और डांडिया कार्यक्रमों का आयोजन जोर-शोर से चल रहा है। कार्यक्रमों की पवित्रता और महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने सभी जिलों के प्रशासन को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
पहचान छिपाकर घुसने वालों पर सख्त कार्रवाई
महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति अगर इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी असली पहचान छिपाकर घुसता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसे जेल भी भेजा जा सकता है। सिर्फ वैध पहचान पत्र दिखाने के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात
सभी आयोजन स्थलों पर पुलिस की टीमें एक्टिव रहेंगी ताकि किसी संदिग्ध या असामाजिक तत्व की पहचान तुरंत हो सके। साथ ही, आयोजकों को सावधानी पूर्वक प्रवेश प्रक्रिया अपनाने और हर आने वाले का पहचान पत्र चेक करने के निर्देश दिए गए हैं।
सांस्कृतिक पवित्रता, सामाजिक सद्भाव पर ज़ोर
आयोग का कहना है कि धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में कोई भी अवांछनीय घटना न घटे, इसके लिए सतर्कता बेहद जरूरी है। कार्यक्रमों की शुचिता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के उद्देश्य से यह सख्ती जरूरी है। विशेष रूप से, संतों और प्रबुद्धजनों की सूचनाओं के अनुसार कई बार कुछ तत्व अपनी पहचान छिपाकर प्रवेश कर जाते हैं, जिससे आयोजन की गरिमा और सुरक्षा प्रभावित होती है।




